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अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय - Relations in Abhidhamma Philosophy

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अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय - Relations in Abhidhamma Philosophy

यह पुस्तक बौद्ध दर्शन के अभिधम्म पिटक में वर्णित “प्रत्यय” (Paccaya / Relations) की गहन, व्यवस्थित एवं तार्किक व्याख्या प्रस्तुत करती है। अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय का सिद्धांत कारण–कार्य (Cause & Effect) के सूक्ष्म और वैज्ञानिक विश्लेषण का आधार है, जिसे इस ग्रंथ में सरल, स्पष्ट और विद्वतापूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक में अभिधम्म दर्शन के अनुसार चित्त, चेतसिक, रूप और निर्वाण के पारस्परिक संबंधों को प्रत्यय सिद्धांत के माध्यम से समझाया गया है। लेखक ने कठिन दार्शनिक अवधारणाओं को सहज भाषा, उदाहरणों और क्रमबद्ध विवेचन द्वारा पाठकों के लिए सुगम बनाया है।

यह ग्रंथ विशेष रूप से:

  • बौद्ध दर्शन के विद्यार्थियों

  • शोधार्थियों

  • अभिधम्म के अध्येताओं

  • तथा दर्शन में रुचि रखने वाले गंभीर पाठकों

के लिए अत्यंत उपयोगी है।


🎯 मुख्य विशेषताएँ:

  • अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय सिद्धांत का विस्तृत विश्लेषण

  • कारण–कार्य संबंधों की दार्शनिक एवं तात्त्विक व्याख्या

  • शोध एवं अकादमिक अध्ययन के लिए उपयुक्त

  • हिंदी भाषा में दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण कृति


📚 उपयोगिता:

यह पुस्तक बौद्ध दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों को समझने हेतु एक प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करती है और अभिधम्म के अध्ययन को एक नई गहराई प्रदान करती है।

यह पुस्तक बौद्ध दर्शन के अभिधम्म पिटक में वर्णित “प्रत्यय” (Paccaya / Relations) की गहन, व्यवस्थित एवं तार्किक व्याख्या प्रस्तुत करती है। अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय का सिद्धांत कारण–कार्य (Cause & Effect) के सूक्ष्म और वैज्ञानिक विश्लेषण का आधार है, जिसे इस ग्रंथ में सरल, स्पष्ट और विद्वतापूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक में अभिधम्म दर्शन के अनुसार चित्त, चेतसिक, रूप और निर्वाण के पारस्परिक संबंधों को प्रत्यय सिद्धांत के माध्यम से समझाया गया है। लेखक ने कठिन दार्शनिक अवधारणाओं को सहज भाषा, उदाहरणों और क्रमबद्ध विवेचन द्वारा पाठकों के लिए सुगम बनाया है।

यह ग्रंथ विशेष रूप से:

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  • अभिधम्म के अध्येताओं

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🎯 मुख्य विशेषताएँ:

  • अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय सिद्धांत का विस्तृत विश्लेषण

  • कारण–कार्य संबंधों की दार्शनिक एवं तात्त्विक व्याख्या

  • शोध एवं अकादमिक अध्ययन के लिए उपयुक्त

  • हिंदी भाषा में दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण कृति


📚 उपयोगिता:

यह पुस्तक बौद्ध दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों को समझने हेतु एक प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करती है और अभिधम्म के अध्ययन को एक नई गहराई प्रदान करती है।

$1.87

Original: $6.22

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अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय - Relations in Abhidhamma Philosophy

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Description

यह पुस्तक बौद्ध दर्शन के अभिधम्म पिटक में वर्णित “प्रत्यय” (Paccaya / Relations) की गहन, व्यवस्थित एवं तार्किक व्याख्या प्रस्तुत करती है। अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय का सिद्धांत कारण–कार्य (Cause & Effect) के सूक्ष्म और वैज्ञानिक विश्लेषण का आधार है, जिसे इस ग्रंथ में सरल, स्पष्ट और विद्वतापूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक में अभिधम्म दर्शन के अनुसार चित्त, चेतसिक, रूप और निर्वाण के पारस्परिक संबंधों को प्रत्यय सिद्धांत के माध्यम से समझाया गया है। लेखक ने कठिन दार्शनिक अवधारणाओं को सहज भाषा, उदाहरणों और क्रमबद्ध विवेचन द्वारा पाठकों के लिए सुगम बनाया है।

यह ग्रंथ विशेष रूप से:

  • बौद्ध दर्शन के विद्यार्थियों

  • शोधार्थियों

  • अभिधम्म के अध्येताओं

  • तथा दर्शन में रुचि रखने वाले गंभीर पाठकों

के लिए अत्यंत उपयोगी है।


🎯 मुख्य विशेषताएँ:

  • अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय सिद्धांत का विस्तृत विश्लेषण

  • कारण–कार्य संबंधों की दार्शनिक एवं तात्त्विक व्याख्या

  • शोध एवं अकादमिक अध्ययन के लिए उपयुक्त

  • हिंदी भाषा में दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण कृति


📚 उपयोगिता:

यह पुस्तक बौद्ध दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों को समझने हेतु एक प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करती है और अभिधम्म के अध्ययन को एक नई गहराई प्रदान करती है।