
भारत यूरोपीय यात्रियों की दृष्टि में (1556-1627)- India In the Eyes of European Travelers
विदेशी यात्रियों का वृतांत किसी क्षेत्र अथवा राष्ट्र के इतिहास की जानकारी का मत्वपूर्ण स्त्रोत तो होता ही है, साथ में यह तुलनात्मक अध्ययन, व्यापर समाज व सांस्कृतिक मूल्यों के आदान-प्रदान में सहायक होता है |
विदेशी यात्रियों का वृतांत किसी क्षेत्र अथवा राष्ट्र के इतिहास की जानकारी का मत्वपूर्ण स्त्रोत तो होता ही है, साथ में यह तुलनात्मक अध्ययन, व्यापर समाज व सांस्कृतिक मूल्यों के आदान-प्रदान में सहायक होता है |
Description
विदेशी यात्रियों का वृतांत किसी क्षेत्र अथवा राष्ट्र के इतिहास की जानकारी का मत्वपूर्ण स्त्रोत तो होता ही है, साथ में यह तुलनात्मक अध्ययन, व्यापर समाज व सांस्कृतिक मूल्यों के आदान-प्रदान में सहायक होता है |

















