
Phalit Jyotish me Kal Chakra
दीवान रामचन्द्र कपूर उन थोडे से व्यक्तियों में हैं जो उद्योग और व्यवसाय में लगे रहतें हुए भी गम्भीर विषयों के अध्ययन में काफी दिलचस्पी लेने हैं । जिन विषयों में उनकी विशेष अभिरुचि है उनमें फलित ज्योतिष है । इस बात की आज कल बहुत बड़ी आवश्यकता है कि फलित ज्योतिष को शिक्षित जनता के सामने इस द्र-कार रखा जाय कि वह रोचक और विज्ञान सम्मत प्रतीत हो । मैं स्वयं फलित ज्योतिष को विज्ञान से अभिमत मानता हूँ यद्यपि इस शास्त्र के वाङ्मय में मेरा चंचुक प्रवेश भी नहीं है । इसलिए वस्तुत: मैं उनकी कृतियों के सम्बन्ध में सम्मति देने का अधिकारी नहीं हूँ । परन्तु इतना तो कह सकता हूँ कि उनकी रचनाओं से फलित ज्योतिष के विद्यार्थी को सहायता मिलेगी और उसको स्थल-स्थल पर यह बात भी देखने को मिलेगी कि यह ज्योतिषशास्त्र किस प्रकार वर्तमान सिद्धान्त ज्योतिष से अविरुद्ध है । यह भी वहुत उपयोगी बात है । मैं प्रस्तुत रचना ''फलित ज्योतिष में कालचक्र' ' के लिए दीवान साहब को बधाई देता हूँ ।
दीवान रामचन्द्र कपूर उन थोडे से व्यक्तियों में हैं जो उद्योग और व्यवसाय में लगे रहतें हुए भी गम्भीर विषयों के अध्ययन में काफी दिलचस्पी लेने हैं । जिन विषयों में उनकी विशेष अभिरुचि है उनमें फलित ज्योतिष है । इस बात की आज कल बहुत बड़ी आवश्यकता है कि फलित ज्योतिष को शिक्षित जनता के सामने इस द्र-कार रखा जाय कि वह रोचक और विज्ञान सम्मत प्रतीत हो । मैं स्वयं फलित ज्योतिष को विज्ञान से अभिमत मानता हूँ यद्यपि इस शास्त्र के वाङ्मय में मेरा चंचुक प्रवेश भी नहीं है । इसलिए वस्तुत: मैं उनकी कृतियों के सम्बन्ध में सम्मति देने का अधिकारी नहीं हूँ । परन्तु इतना तो कह सकता हूँ कि उनकी रचनाओं से फलित ज्योतिष के विद्यार्थी को सहायता मिलेगी और उसको स्थल-स्थल पर यह बात भी देखने को मिलेगी कि यह ज्योतिषशास्त्र किस प्रकार वर्तमान सिद्धान्त ज्योतिष से अविरुद्ध है । यह भी वहुत उपयोगी बात है । मैं प्रस्तुत रचना ''फलित ज्योतिष में कालचक्र' ' के लिए दीवान साहब को बधाई देता हूँ ।
Description
दीवान रामचन्द्र कपूर उन थोडे से व्यक्तियों में हैं जो उद्योग और व्यवसाय में लगे रहतें हुए भी गम्भीर विषयों के अध्ययन में काफी दिलचस्पी लेने हैं । जिन विषयों में उनकी विशेष अभिरुचि है उनमें फलित ज्योतिष है । इस बात की आज कल बहुत बड़ी आवश्यकता है कि फलित ज्योतिष को शिक्षित जनता के सामने इस द्र-कार रखा जाय कि वह रोचक और विज्ञान सम्मत प्रतीत हो । मैं स्वयं फलित ज्योतिष को विज्ञान से अभिमत मानता हूँ यद्यपि इस शास्त्र के वाङ्मय में मेरा चंचुक प्रवेश भी नहीं है । इसलिए वस्तुत: मैं उनकी कृतियों के सम्बन्ध में सम्मति देने का अधिकारी नहीं हूँ । परन्तु इतना तो कह सकता हूँ कि उनकी रचनाओं से फलित ज्योतिष के विद्यार्थी को सहायता मिलेगी और उसको स्थल-स्थल पर यह बात भी देखने को मिलेगी कि यह ज्योतिषशास्त्र किस प्रकार वर्तमान सिद्धान्त ज्योतिष से अविरुद्ध है । यह भी वहुत उपयोगी बात है । मैं प्रस्तुत रचना ''फलित ज्योतिष में कालचक्र' ' के लिए दीवान साहब को बधाई देता हूँ ।













