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श्रामणेर विनय- Shramner Vinay

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श्रामणेर विनय- Shramner Vinay

श्रामणेर विनय" (Śrāmaṇera Vinaya) एक बौद्ध साहित्य है जो श्रामण (शिक्षार्थी भिक्षु) के जीवन और आचरण से संबंधित आचारों और नियमों को प्रस्तुत करता है। यह विनय (नियमों और अनुशासन) का एक हिस्सा होता है, जिसे बौद्ध भिक्षुओं के जीवन में अनुशासन, नैतिकता और ध्यान की प्राप्ति के लिए पालन किया जाता है।

श्रेमण की विनय में साधारणतः निम्नलिखित बातें शामिल होती हैं:

  1. धार्मिक अनुशासन: यह बौद्ध भिक्षुओं को आचार-व्यवहार, धर्म का पालन करने और ध्यान की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसमें शारीरिक, मानसिक और वाचिक अनुशासन के महत्वपूर्ण पहलू होते हैं।

  2. मूल्य और नैतिकता: यह विनय में मूल्य-आधारित जीवन जीने के बारे में शिक्षाएँ होती हैं, जैसे सत्य बोलना, अहिंसा का पालन, कर्तव्य का निर्वाह, और दूसरों के प्रति दया और करुणा।

  3. साधना और ध्यान: विनय का उद्देश्य बौद्ध साधना में स्थिरता और गहराई लाना है। इसमें ध्यान की विधियाँ और ध्यान की स्थिति में रहते हुए आचरण का सही तरीका समझाया जाता है।

  4. प्रकृति के साथ सामंजस्य: बौद्ध शिक्षा में विनय को जीवन की प्रकृति और इसके गुणों के साथ सामंजस्य स्थापित करने के रूप में भी देखा जाता है।

  5. सहयोग और संगति: यह बौद्ध विनय नियमों में सामूहिक जीवन में सम्मान और आपसी सहयोग को भी महत्त्व दिया जाता है।

श्रामणेर विनय" (Śrāmaṇera Vinaya) एक बौद्ध साहित्य है जो श्रामण (शिक्षार्थी भिक्षु) के जीवन और आचरण से संबंधित आचारों और नियमों को प्रस्तुत करता है। यह विनय (नियमों और अनुशासन) का एक हिस्सा होता है, जिसे बौद्ध भिक्षुओं के जीवन में अनुशासन, नैतिकता और ध्यान की प्राप्ति के लिए पालन किया जाता है।

श्रेमण की विनय में साधारणतः निम्नलिखित बातें शामिल होती हैं:

  1. धार्मिक अनुशासन: यह बौद्ध भिक्षुओं को आचार-व्यवहार, धर्म का पालन करने और ध्यान की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसमें शारीरिक, मानसिक और वाचिक अनुशासन के महत्वपूर्ण पहलू होते हैं।

  2. मूल्य और नैतिकता: यह विनय में मूल्य-आधारित जीवन जीने के बारे में शिक्षाएँ होती हैं, जैसे सत्य बोलना, अहिंसा का पालन, कर्तव्य का निर्वाह, और दूसरों के प्रति दया और करुणा।

  3. साधना और ध्यान: विनय का उद्देश्य बौद्ध साधना में स्थिरता और गहराई लाना है। इसमें ध्यान की विधियाँ और ध्यान की स्थिति में रहते हुए आचरण का सही तरीका समझाया जाता है।

  4. प्रकृति के साथ सामंजस्य: बौद्ध शिक्षा में विनय को जीवन की प्रकृति और इसके गुणों के साथ सामंजस्य स्थापित करने के रूप में भी देखा जाता है।

  5. सहयोग और संगति: यह बौद्ध विनय नियमों में सामूहिक जीवन में सम्मान और आपसी सहयोग को भी महत्त्व दिया जाता है।

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Description

श्रामणेर विनय" (Śrāmaṇera Vinaya) एक बौद्ध साहित्य है जो श्रामण (शिक्षार्थी भिक्षु) के जीवन और आचरण से संबंधित आचारों और नियमों को प्रस्तुत करता है। यह विनय (नियमों और अनुशासन) का एक हिस्सा होता है, जिसे बौद्ध भिक्षुओं के जीवन में अनुशासन, नैतिकता और ध्यान की प्राप्ति के लिए पालन किया जाता है।

श्रेमण की विनय में साधारणतः निम्नलिखित बातें शामिल होती हैं:

  1. धार्मिक अनुशासन: यह बौद्ध भिक्षुओं को आचार-व्यवहार, धर्म का पालन करने और ध्यान की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसमें शारीरिक, मानसिक और वाचिक अनुशासन के महत्वपूर्ण पहलू होते हैं।

  2. मूल्य और नैतिकता: यह विनय में मूल्य-आधारित जीवन जीने के बारे में शिक्षाएँ होती हैं, जैसे सत्य बोलना, अहिंसा का पालन, कर्तव्य का निर्वाह, और दूसरों के प्रति दया और करुणा।

  3. साधना और ध्यान: विनय का उद्देश्य बौद्ध साधना में स्थिरता और गहराई लाना है। इसमें ध्यान की विधियाँ और ध्यान की स्थिति में रहते हुए आचरण का सही तरीका समझाया जाता है।

  4. प्रकृति के साथ सामंजस्य: बौद्ध शिक्षा में विनय को जीवन की प्रकृति और इसके गुणों के साथ सामंजस्य स्थापित करने के रूप में भी देखा जाता है।

  5. सहयोग और संगति: यह बौद्ध विनय नियमों में सामूहिक जीवन में सम्मान और आपसी सहयोग को भी महत्त्व दिया जाता है।