
श्रीमहाकवि रामपाणिवाद विरचितः शारिकासन्देशः-Srimahakavi Rampanipad virachit Sharikasandesh
कवि रामपाणिवाद ने इस काव्य में एक शारिका पक्षी को संदेशवाहक बनाकर अपने हृदय की व्यथा और प्रेमभाव व्यक्त किया है।
काव्य की कथा इस प्रकार है —
कवि का हृदय अपनी आराध्या देवी शारिका (देवी शारदा, जो श्रीनगर के शारिकापीठ में प्रतिष्ठित हैं) से विरहावस्था में व्याकुल है।
वह शारिका पक्षी से निवेदन करता है कि वह उसकी ओर से देवी तक संदेश पहुँचाए।
इस यात्रा में पक्षी अनेक सुंदर स्थलों से होकर गुजरती है, जिनका कवि ने अत्यंत सौंदर्यपूर्ण वर्णन किया है —
जैसे हिमालय की शोभा, कश्मीर की प्राकृतिक रमणीयता, नदियाँ, पर्वत, पुष्प और तीर्थस्थल आदि।
अंत में, पक्षी देवी के चरणों तक पहुँचकर कवि का संदेश प्रस्तुत करती है — जिसमें भक्ति, समर्पण, और विरह की करुणा का भाव है।
कवि रामपाणिवाद ने इस काव्य में एक शारिका पक्षी को संदेशवाहक बनाकर अपने हृदय की व्यथा और प्रेमभाव व्यक्त किया है।
काव्य की कथा इस प्रकार है —
कवि का हृदय अपनी आराध्या देवी शारिका (देवी शारदा, जो श्रीनगर के शारिकापीठ में प्रतिष्ठित हैं) से विरहावस्था में व्याकुल है।
वह शारिका पक्षी से निवेदन करता है कि वह उसकी ओर से देवी तक संदेश पहुँचाए।
इस यात्रा में पक्षी अनेक सुंदर स्थलों से होकर गुजरती है, जिनका कवि ने अत्यंत सौंदर्यपूर्ण वर्णन किया है —
जैसे हिमालय की शोभा, कश्मीर की प्राकृतिक रमणीयता, नदियाँ, पर्वत, पुष्प और तीर्थस्थल आदि।
अंत में, पक्षी देवी के चरणों तक पहुँचकर कवि का संदेश प्रस्तुत करती है — जिसमें भक्ति, समर्पण, और विरह की करुणा का भाव है।
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कवि रामपाणिवाद ने इस काव्य में एक शारिका पक्षी को संदेशवाहक बनाकर अपने हृदय की व्यथा और प्रेमभाव व्यक्त किया है।
काव्य की कथा इस प्रकार है —
कवि का हृदय अपनी आराध्या देवी शारिका (देवी शारदा, जो श्रीनगर के शारिकापीठ में प्रतिष्ठित हैं) से विरहावस्था में व्याकुल है।
वह शारिका पक्षी से निवेदन करता है कि वह उसकी ओर से देवी तक संदेश पहुँचाए।
इस यात्रा में पक्षी अनेक सुंदर स्थलों से होकर गुजरती है, जिनका कवि ने अत्यंत सौंदर्यपूर्ण वर्णन किया है —
जैसे हिमालय की शोभा, कश्मीर की प्राकृतिक रमणीयता, नदियाँ, पर्वत, पुष्प और तीर्थस्थल आदि।
अंत में, पक्षी देवी के चरणों तक पहुँचकर कवि का संदेश प्रस्तुत करती है — जिसमें भक्ति, समर्पण, और विरह की करुणा का भाव है।














