
सोच क्या है?- Hindi Translation of 'Network of Thought
पुस्तक "सोच क्या है?" (What Is Thinking?) जे. कृष्णमूर्ति द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण कृति है, जो उनके विचारों का हिंदी में अनुवाद है। यह पुस्तक उनके अंग्रेज़ी ग्रंथ Network of Thought का हिंदी रूपांतरण है।
यह पुस्तक सोच की प्रकृति, उसके स्रोत, और उसके प्रभावों पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। कृष्णमूर्ति ने बताया है कि सोच केवल बाहरी अनुभवों और पूर्वाग्रहों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह हमारी आंतरिक स्थिति, हमारी भावनाओं और हमारी चेतना से भी जुड़ी हुई है। वे यह भी बताते हैं कि सोच की प्रक्रिया में ध्यान और आत्म-निरीक्षण की आवश्यकता है, ताकि हम अपने मानसिक जाल से मुक्त हो सकें।
पुस्तक "सोच क्या है?" (What Is Thinking?) जे. कृष्णमूर्ति द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण कृति है, जो उनके विचारों का हिंदी में अनुवाद है। यह पुस्तक उनके अंग्रेज़ी ग्रंथ Network of Thought का हिंदी रूपांतरण है।
यह पुस्तक सोच की प्रकृति, उसके स्रोत, और उसके प्रभावों पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। कृष्णमूर्ति ने बताया है कि सोच केवल बाहरी अनुभवों और पूर्वाग्रहों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह हमारी आंतरिक स्थिति, हमारी भावनाओं और हमारी चेतना से भी जुड़ी हुई है। वे यह भी बताते हैं कि सोच की प्रक्रिया में ध्यान और आत्म-निरीक्षण की आवश्यकता है, ताकि हम अपने मानसिक जाल से मुक्त हो सकें।
Description
पुस्तक "सोच क्या है?" (What Is Thinking?) जे. कृष्णमूर्ति द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण कृति है, जो उनके विचारों का हिंदी में अनुवाद है। यह पुस्तक उनके अंग्रेज़ी ग्रंथ Network of Thought का हिंदी रूपांतरण है।
यह पुस्तक सोच की प्रकृति, उसके स्रोत, और उसके प्रभावों पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। कृष्णमूर्ति ने बताया है कि सोच केवल बाहरी अनुभवों और पूर्वाग्रहों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह हमारी आंतरिक स्थिति, हमारी भावनाओं और हमारी चेतना से भी जुड़ी हुई है। वे यह भी बताते हैं कि सोच की प्रक्रिया में ध्यान और आत्म-निरीक्षण की आवश्यकता है, ताकि हम अपने मानसिक जाल से मुक्त हो सकें।














